Navratri SMS
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Tuesday, September 22, 2009
Monday, August 31, 2009
mohabbat
Masoom Si Mohabbat Ka Bus Itna Sa Fasana Hai,
Kagaz Ki Haweli Hai,
Baarish Ka Zamaana Hai,
Shart-E-Mohabbat Hai,
Thursday, April 16, 2009
I Need You Now

My friend, I need you now
Please take me by the hand.
Stand by me in my hour of need,
Take time to understand.
Take my hand, dear friend,
And lead me from this place.
Chase away my doubts and fears,
Wipe the tears from off my face.
Please take me by the hand.
Stand by me in my hour of need,
Take time to understand.
Take my hand, dear friend,
And lead me from this place.
Chase away my doubts and fears,
Wipe the tears from off my face.
Friend, I cannot stand alone.
I need your hand to hold,
The warmth of your gentle touch
In my world that's grown so cold.
I need your hand to hold,
The warmth of your gentle touch
In my world that's grown so cold.
Please be a friend to me
And hold me day by day.
Because with your loving hand in mine,
I know we'll find the way.
And hold me day by day.
Because with your loving hand in mine,
I know we'll find the way.
Monday, March 23, 2009
Tuesday, February 17, 2009
उठ जवान हिंद के...

उठ जवान हिंद के...
उठ जवान हिंद के, पुकारता है ये जहां।।
पुकारती है ये जमीं, पुकारता है आसमां।।
पुकारती है कश्मीर की घाटियां तो आओ रे।
बिछड़ रहा वो स्वर्ग, उठ जरा उसे बचाओ रे।।
शांत है कटार, क्यों जुबां तुम्हारी मौन है।
होते टुकड़े मां के, तुमको रोकता वो कौन है।।
सरजमीं पुकारती उठो हो सोए तुम कहां।
पुकारती है ये जमीं, पुकारता है आसमां।।
उठ जवान हिंद के, पुकारता है ये जहां।।
पुकारती है ये जमीं, पुकारता है आसमां।।
वो काफिले विदेश के, बसे जो हिंद में यहां।
जुंबा वो जिसने, हिंद देश के विरुद्ध कुछ कहा।
उठी नजर है आज जिसकी ताज-ए-हिंदोस्तान पर।
जुबां-नजर-वो काफिले, जला दो जलती आग पर।
निशान उन दरिंदों का, न बाकी रह सके यहां।
पुकारती है ये जमीं, पुकारता है आसमां।।
उठ जवान हिंद के, पुकारता है ये जहां।।
पुकारती है ये जमीं, पुकारता है आसमां।।
सह लिया बहुत, न चुप रहेंगे अत्याचार से।
किया विनम्र आग्रह, न अब करेंगे बात प्यार से।
न होगी बंसी हाथ में, लिए बंदूकें-तोप से।
न अब रुकें-खड़ी भले हो लड़ पड़ेंगे मौत से।
विश्व पर चमकती-जलती हिंद की रहे शमां।
पुकारती है ये जमीं, पुकारता है आसमां।।
उठ जवान हिंद के, पुकारता है ये जहां।।
पुकारती है ये जमीं, पुकारता है आसमां।।
उठ जवान हिंद के, पुकारता है ये जहां।।
पुकारती है ये जमीं, पुकारता है आसमां।।
पुकारती है कश्मीर की घाटियां तो आओ रे।
बिछड़ रहा वो स्वर्ग, उठ जरा उसे बचाओ रे।।
शांत है कटार, क्यों जुबां तुम्हारी मौन है।
होते टुकड़े मां के, तुमको रोकता वो कौन है।।
सरजमीं पुकारती उठो हो सोए तुम कहां।
पुकारती है ये जमीं, पुकारता है आसमां।।
उठ जवान हिंद के, पुकारता है ये जहां।।
पुकारती है ये जमीं, पुकारता है आसमां।।
वो काफिले विदेश के, बसे जो हिंद में यहां।
जुंबा वो जिसने, हिंद देश के विरुद्ध कुछ कहा।
उठी नजर है आज जिसकी ताज-ए-हिंदोस्तान पर।
जुबां-नजर-वो काफिले, जला दो जलती आग पर।
निशान उन दरिंदों का, न बाकी रह सके यहां।
पुकारती है ये जमीं, पुकारता है आसमां।।
उठ जवान हिंद के, पुकारता है ये जहां।।
पुकारती है ये जमीं, पुकारता है आसमां।।
सह लिया बहुत, न चुप रहेंगे अत्याचार से।
किया विनम्र आग्रह, न अब करेंगे बात प्यार से।
न होगी बंसी हाथ में, लिए बंदूकें-तोप से।
न अब रुकें-खड़ी भले हो लड़ पड़ेंगे मौत से।
विश्व पर चमकती-जलती हिंद की रहे शमां।
पुकारती है ये जमीं, पुकारता है आसमां।।
उठ जवान हिंद के, पुकारता है ये जहां।।
पुकारती है ये जमीं, पुकारता है आसमां।।
Wednesday, January 28, 2009
funny joke
Friday, January 23, 2009
Apki khushi
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